November18
कभी तो आसमाँ से चांद उतरे जाम हो जाये
तुम्हारे नाम की इक ख़ूबसूरत शाम हो जाये
हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाये
चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाये
अजब हालात थे यूँ दिल का सौदा हो गया आखिर
मोहबात की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाये
समंदर के सफ़र में इस तरह आवाज़ दो हमको
हवायेँ तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाये
मैं ख़ुद भी एहतियातन उस गली से कम गुज़रता हूँ
कोई मासूम क्यों मेरे लिये बदनाम हो जाये
मुझे मालूम है उस का ठिकाना फिर कहाँ होगा
परिंदा आसमाँ छूने में जब नाक़ाम हो जाये
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये
November12
जो नजर से गुजर जाया करते है,
वोह सितारे अकशर टूट जाया करते है,
कुछ लोग दर्द को बयान नहि होने देते,
बस चुपचाप बिखर जाया करते है…….
November12
ग़रीब क्या इश्क़ करेगा,क्या इश्क़ का इकरार करेगा,
क्यूं जीना अपना जानबूझकर दुश्वार करेगा….
दो पैसे कमा के,प्यार से दाल रोटी खाता है,
इश्क़ के चक्कर मैं क्यूं ख़ुद को बेकार करेगा…..
मेहनत करके थक्क हार के,अच्छी नींद वो सोता है,
क्यूं रातों मैं तारे गीन गीनकर वो व्यापार करेगा…..
इश्क़ की गलियों मैं,दिल उसका अगर टूट जाए तो,
ऐसे बेबस प्रेमी का सहयोग क्या संसार करेगा…..
पर येह क़ुदरत का खेल भी देखो निराला,
इश्क़ उसे भी हो जाए तो,फिर क्या वो लाचार करेगा……
November12
माना तेरी नज़र में तेरा प्यार हम नही,
कैसे कहें की तेरे तलबगार हम नही………..
ख़ुद को जला के ख़ाक कर डाला,मिटा दिया,
लो अब तुम्हारी राह में दीवार हम नही…….
जिस को सँवारा हमने तमन्नाओं के ख़ून से,
गुलशन में उस बहार के हक़दार हम नही……..
धोखा दिया है ख़ुद को मुहोब्बत के नाम से,
कैसे कहें की तेरे गुनाहगार हम नही……..
November12
अजनबी दुनिया मे‘अकेला’ ख्वाब हुं मै,
सवालो से गिरा एक जवाब हुं मै,
जो ना समजे उनके लिये कौन,
पर जो समजे उनके लिये किताब हुं मै…..