Sher-o-Shayari

World of Poetry

तेरी याद में आँख भर आई…

November11

तेरी याद में आँख भर आई
तन्हाइयो से भारी यह जुदाई

तू न आया तेरी याद चली आई
इस दिल को बहाल करने थी आई

मुझे याद है तेरी हर बात…

November11

मुझे याद है तेरी हर बात
वो तेरा मुझसे बिन बोले

सब कुछ कहे जाना
मुझे याद है तेरा आहेसस
वो आँखो हे आँखो मैं तेरे इशारे
झट लाबो को छू जाना
हँसी तेरी, तेरी दीवानगी
मान को मेरे या गुदगुदाना
तेरे साथ जो बेताया पल
मुझे वो याद
पल पल मुझे याद है

तूने जो दी तन्हाई…

November11

तूने जो दी तन्हाई
शोहरत बही मेरी रुसवाई

आँसू न रुके तेरी याद में
बेबसी मौसम में छाई
दुश्मन तुम भी मोहब्बत के
फूलो से तितलिया तुमने उड़ाई
हम प्यार मिन पागल हुआ इस्कदर
न भापी तेरी मोहब्बत की गहराई

यह किस हाल मैं छोड़ गये…

November11

यह किस हाल मैं छोड़ गये
यह कैसी आस आखों में दे गये

न होश है न कोई खबर
इन लाबो को कैसा आहास देगाए

करीब आके जाने के न दी खबर
छू के मेरे मन को कहा खो गये
आजओ करीब फिर छोड़ के न जाना
आ के मुझमे बस समा जाओ न

तुम्हारी आँखें तुम्हारी बातें
पल पल गुदगुदती है
यह अधूरी हसी दे के कहा गुम गये
हो तुम बस मेरी सूच में आब

आजाओ न पास मेरे इतना की
दुनिया इस मोहब्बत को दुहाई दे
तुमसे दूर रहेना हो गया अब मुश्किल
अपना लो मुझे हमेशा के लिए

मैने तो सोचा भी न था कोई यूह कही से आएगा…

November11

मैने तो सोचा भी न था कोई यूह कही से आएगा
बोल दो बोल मेरी हिम्मत पल में बड़ा जाएगा

यह तो आनदाज़ है आप का जो बात हमारी रास आ गई
नही लोग कहते है लो ‘पोपट’ फिर बतियाने आ गई

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