Jab Jazbaaton Ka Sailaab Umad Kar Aata Hai | Sher-o-Shayari

Jab Jazbaaton Ka Sailaab Umad Kar Aata Hai

By | Dec 11, 2013

जब चाँद छुप जाता है बादल में ,
तब तेरे चहरे की चमक देती है रौशनी।
जब रात गुजरती है तेरी बाँहों में ,
तब तेरे बदन कि खुशबू देती है ज़िंदगी।

जब शोर होता है सन्नाटों में ,
तब तेरी हर एक धड़कन देती है राहत।
जब कोई नहीं होता है कमरे में ,
तब तेरी हर एक साँस कि होती है आहट।

जब इतने सारे रंग यहाँ ,
तब चैन कहाँ मिल पाता है।
तेरी भुली बिसरी बातों से अब ,
वक़्त कहाँ गुजर पाता है।

जब जज्बातों का सैलाब उमड़ कर आता है ,
तब तेरा हर वो ख्वाब नज़र आता है।
जब सजती है तन्हाई कि वो महफ़िल ,
तब फिर से मुझे एक चाँद नज़र आता है।

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